Selfish

इस खुदगर्ज़ दुनिया में थोडा ख़ुदगुर्ज तू भी हो जा। वरना यह दुनिया तुझे ख़ुदी से जीने नहीं देगी। $vivek@dwivedi$£

Shyari

जरुरी नहीं की जो दिखे. वो सच की ही एक मूरत हो। मेने कइयो को अकेले में घुट घुट के मरते देखा है।।

गम

न जानू उस गम को वजह से जिसकी तेरी आँखे यू नम हुई  पर मालूम इतना हे  तेरे एक आँशु का कतरा ही काफी हे,  मेरीआँखों को दरिया बनाने के लिए।।।

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आज वक़्त तेरा है, ले चल मुझे जहाँ तेरी मर्ज़ी करे।
कल जब मेरा वक़्त होगा,तू मेरे तेवर देखियो।।।

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इश्क़ की तमना मुझको ,कोई प्यार करने वाला तो मिले मौत का इरादा नहीं, पर जीने की वजह तो मिले। Vivek Dwivedi

Meri virtual duniya

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जब जब इस जालिम दुनिया ने मुझे तन्हा किया

तब तब,  अपनी तन्हाइयो संग  मैने इक नयी दुनिया बसा ली।

जहाँ सिर्फ मै हूँ, मै हूँ और सिर्फ मै हूँ

जब मुस्कुराना चाहता हूँ,तो यादो का मुख मोड़ लेता हूँ

और जब मुरझाना चाहता हूँ, तो कल की सोच लेता हूँ

खुश हूँ या दुखी हूँ,नहीं जानता

पर तसल्ली इस बात की है,क़ि जहाँ हूँ, अकेला नहीं हूँ मै

मेरे संग मेरी रुस्वाईया,तन्हाईया,यादेँ सब है, नहीं हे तो बस तू,सिर्फ तू।

क्योंकि इक तू ही तो है जिसने मुझे ख़ुदग़र्ज़ बनाया

मेरे हर एमोशन्स (emotion) को smiley से समझाया

….तू ही तो हे जिसने व्यर्थ की बातो से मुझको उलझाया 

अरे!तू ही तो हे जिसने मुझे इस सच्ची दुनिया का सच्चा इन्शान बनाया।
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ताब्दील्या बहुत हे आई तुझसे मिलने के बाद

पहले रोता था, अब मुस्कुराता हूँ, बिछड़ने के बाद

पहले जो था, सो था ,अब  चहेरे बदलता हूँ, हरेक से मिलने के…

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Difference in words and action.

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जबसे तेरी कथनी और करनी में फर्क दिखने लगा ।
तबसे तेरे अच्छे कामो में भी मुझको शक होने लगा ।
और नहीं जानता, यह तेरी गलती हे या मेरी
पर तेरी बातो का असर ,अब काम होने लगा ।।।।

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Key to failure

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हर राह को मै चाहू, हर मंजिल मुझको भाती है
मेरी कोई दिशा नहीं, सिर्फ हवा मुझे बहलाती है

प्रवाह जिधर भी तेज हुआ ,ते उधर निकल लेता हु मै
मांग जिधर भी तेज हुई, ते उधर खिसक लेता हु मै
मेरी आँखों के सपने हर पल पल पल पल बदले है
मेरे खवाबो के परिंदे ,आसमान में भटके हे
जाने की कोई राह नहीं ,बस आस लगाए बैठे हे
मन की बत्ती को बजाए ,जुगनू पे तो तरसे हे

काश काश के मंत्रो को मै  अब तक जबते आया हु
भेड़ चल के सम्मोहन से मै  खुद ना बच पाया हु
राह चुनी मेने ओ साहब जिसने मुझे मजबूर बनाया
अपने हाथो अपनी खुशियो का ही  मेने गला दबाया
काश तवज्जो दी होती मेने ही खुद की बातो को
तस्वीर अलग होगी मेरी सपनो की रातो को
नींद सुकून की मुझको आती साडी दुनिया मुझको भाती
जेब भले  ही छोटी   होती …

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आज वक़्त तेरा है, ले चल मुझे जहाँ तेरी मर्ज़ी करे। कल जब मेरा वक़्त होगा,तू मेरे तेवर देखियो।।। Posted from WordPress for Android

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